Friday, June 28, 2013

अपराध घटा, पायदान वही


0 नेशनल क्र ाइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने वर्ष 2012 का आपराधिक ब्यूरा जारी किया
0 छत्तीसग ढ में अपराध कम हुए, लेकिन दूसरे राज्यों की तुलना में नहीं सुधरी स्थित
छत्तीसगढ में अपराध तो कम हुए हैं, लेकिन देश के दूसरे राज्यों की तुलना में इस प्रदेश की स्थित में ज्यादा सुधार नहीं आया है। क्योंकि, अधिकांश आपराधिक मामलों के पायदान में छत्तीसग ढ पिछले दो सालों में जस का तस बना हुआ है।
नेशनल क्र ाइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने 28 राज्य और सात केंद्र शासित प्रदेशों में वर्ष 2012 हुए अपराध का आंक डा और उनका देशभर में पायदान जारी किया है। छत्तीसग ढ में वर्ष 2011 और 2012 के आंक डों की तुलना की जाए तो यहां ज्यादातर अपराधों में गिरावट आई है। इससे प्रदेश के कानून व्यवस्था में सुधार का पता चलता है, लेकिन दूसरे राज्यों से तुलना करें तो छत्तीसग ढ उसी पायदान पर नजर आ रहा है, जो वर्ष 2011 की एनसीआरबी की रिपोर्ट में था। इससे साफ हैकि दूसरे राज्यों ने भी कानून व्यवस्था में सुधार किया है। छत्तीसग ढ सरकार और पुलिस को आपराधिक मामलों के पायदान में पीछे जाने के लिए और मेहनत करनी होगी।
स्वत: संज्ञान लेना सीख रही पुलिस
अमूमन देखा गया हैकि पुलिस किसी भी मामले को स्वत: संज्ञान में लेने से कतराती है, क्योंकि उसे पार्टी बनना प डा है। लेकिन, अब आंक डे बताते हैं कि छत्तीसग ढ पुलिस खुद सामने आकर मामलों को संज्ञान में लेने लगी है। वर्ष 2011 की तुलना में वर्ष 2012 में छत्तीसग ढ पुलिस ने 16 हजार 882 अधिक मामलों को स्वत: संज्ञान में लिया। इसी तरह पुलिस को 31 हजार 969 मौखिक और 36 हजार 815 लिखित शिकायतें ज्यादा आईहैं। लेकिन फोन पर पुलिस को सूचनाएं मिलना कम हुईहै। तुलनात्मक ढंग से देखा जाए तो वर्ष 2012 में फोन पर 97 हजार 548 सूचनाएं कम मिलीं। वर्ष 2011 में इस मामले में छत्तीसग ढ दूसरे पायदान पर था, लेकिन वर्ष 2012 में पांचवें पायदान पर पहुंच गया।
वाहन चोरी के मामले ब ढे
छत्तीसग ढ में चोरी और वाहन चोरी के मामले ब ढे हैं। वर्ष 2011 की तुलना में चोरी के 26 और वाहन चोरी के 66 मामले ज्यादा दर्जकिए गए। गंभीर अपराधों में कमी आई है। हत्या के 112, हत्या का प्रयास के 154, डकैती की योजना के 3, डकैती के 58, अन्य चोरी के 40, धोखाध डी के 55 और बलवा के 24 प्रकरण तुलनात्मक ढंग से कम दर्जहुए। लेकिन हत्या, डकैती, चोरी, वाहन चोरी, अन्य चोरी, बलवा, धोखाध डी के मामले में प्रदेश का पायदान नहीं बदला है।
महिलाओं के मामले में सुधरी स्थिति
महिलाओं पर हमला, दहेज हत्या, छे डछा ड और यौन प्रता डना के मामले में छत्तीसग ढ में स्थिति सुधरी है। तुलनात्मक रूप से हमले के 250, दहेज हत्या के 23, छे डछा ड के 53 और यौन प्रता डना के 12 मामले कम दर्जहुए हैं।
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वर्ष 2011 और वर्ष 2012 की स्थिति
सूचनाएं और प्रकरण दर्ज करने के मामले में-
-वर्ष 2011-वर्ष 2012
तरीका-संख्या-पायदान-संख्या-पायदान
मौखिक-101303-5-133272-3
लिखित-48115-16-84930-14
फोन-160115-2-62567-5
स्वत: संज्ञान-20968-9-37850-8
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अपराध और उनके रिकॉर्ड
-वर्ष 2011-वर्ष 2012
अपराध-संख्या-पायदान-संख्या-पायदान
हत्या-1110-14-998-14
हत्या का प्रयास-747-13-593-15
डकैती की योजना-7-18-4-19
डकैती-470-17-412-17
झांसेबाजी-3548-11-3334-13
चोरी-5315-16-5341-16
वाहन चोरी-2292-14-2358-14
अन्य चोरी-3023-17-2983-17
अमानत में खयानत-180-19-170-18
धोखाध डी-980-17-925-17
बलवा-934-16-910-16
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महिलाओं के खिलाफ अपराध
-वर्ष 2011-वर्ष 2012
अपराध-संख्या-पायदान-संख्या-पायदान
हमला-11105-11-10855-11
दहेज हत्या-104-16-81-16
छे डछा ड-1654-10-1601-11
यौन प्रता डना-174-10-162-11
 

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