Tuesday, June 25, 2013

साधु के चोले में ठग

गिरोह की सक्रियता की खबर पर पुलिस अलर्ट
0 ठगी में माहिर ईरानी गैंग
सावधान... शहर में साधु के चोले में घूम रहे अंजान चेहरे ठग तो नहीं? अपने आप को कभी पुलिस, क्राइम ब्रांच तो कभी ज्योतिषी व पहुंचा हुआ तांत्रित बताकर वृद्ध महिलाओं को झांसे में लेकर सरेराह शरीर से गहने उतरवाने वाले ठग गिरोह की एक बार फिर से राजधानी में सक्रिय होने की खबर से क्राइम ब्रांच व पुलिस की नींद उड़ गई है। दो दिन पहले धमतरी जिले के अछोटा में बोलेरो से पहुंचे आधा दर्जन ढोंगी बाबाओं ने चक्रधारी परिवार को शनि के प्रकोप का भय दिखाते हुए इससे बचाने के नाम पर जेवर व दस हजार रुपए ठगकर भाग निकले थे। महासमंुद, दुर्ग जिले में भी इसी तरह की घटना सामने आने के बाद राजधानी पुलिस अलर्ट है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस तरह की वारदात ईरानी गैंग करता आया है। गैंग के कुछ सदस्यों के मूवमेंट की सूचना है। राजधानी में पिछले छह माह के भीतर में ईरानी गैंग ने दर्जनभर से अधिक ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है। इनके ठगने तरीकों ने पुलिस व क्राइम ब्रांच को लंबे समय से परेशान कर रखा है। हालांकि गैंग के कई सदस्य पहले पकड़े भी गए हैं लेकिन जेल से छूटते ही कुछ दिनों तक वे दूसरे जिलों में वारदात करने के बाद राजधानी व आसपास के इलाके में सक्रिय हो जाते हैं।
क्राइम ब्रांच प्रभारी आरके साहू का कहना है कि ईरानी गैंग की राजधानी में लंबे समय से सक्रियता रही है। गैंग के सदस्य दो और चार का समूह बनाकर सुनसान इलाके में वृद्धों को निशाना बनाते हैं। खासकर महिलाओं को वे जल्दी झांसे में लेते हंै। आगे मर्डर, लूट होने की बात कहकर सुरक्षा के लिहाज से गहने को उतरवाकर कागज में लपेट कर वापस लौटाते हैं। इससे पहले वे हाथ सफाई कर लेते हैं। वे पीड़ितों को घर जाकर कागज की पुड़िया खोलने की सलाह देकर विश्वास में लेते हंै। पुलिस के नाम पर ठगी करने वाले इस गिरोह की सक्रियता से राजधानी पुलिस की छवि खराब होने लगी है। पुलिस वाला बनकर लोगों को आसानी से झांसे में लेने में माहिर ईरानी गैंग के सदस्यों को दबोचने क्राइम ब्रांच की टीम घेराबंदी करने उनके रुकने के संभावित ठिकानों पर नजर रखना शुरू कर दिया है। मप्र के शहडोल, कोतमा, पिपरिया तथा महाराष्ट्र के कई क्षेत्रों में ईरानी गैंग की बसाहट है।
फर्जी से निपटेगी असली पुलिस
पुलिस बनकर ठगी करने वाले ईरानी गैंग से निपटने की कवायद पुलिस ने शुरू कर दी है। रेलवे स्टेशन, आउटर के ठिकानों, होटल, छोटे लॉज में जांच पड़ताल के साथ ही सादे कपड़े में जवानों को सुनसान इलाके में घूमने के निर्देश दिए हैं, ताकि संदिग्ध व्यक्ति के नजर आते ही उसे पकड़ लिया जाए। गैंग के सदस्य आउटर के इलाके में रुकते हैं और वारदात के बाद तत्काल शहर की ओर रूख करते हंै, ताकि पुलिस उन्हें आसानी से न पकड़ सके।
 

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